दुनिया की सबसे बड़ी AI दिग्गज कंपनियाँ इस वक्त दिल्ली में हैं। Google, OpenAI, DeepMind और दुनिया के 100 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि भारत मंडपम में जुटे हैं और इसका कारण है, India AI Impact Summit 2026।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज इस पाँच दिवसीय मेगा टेक समिट का उद्घाटन करेंगे, जहाँ तय होगा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य सिर्फ कुछ देशों के हाथ में रहेगा या भारत जैसी उभरती ताकतें भी इसकी दिशा तय करेंगी।
2.5 लाख से ज़्यादा विज़िटर्स, 500 से अधिक सेशन और दुनिया के सबसे बड़े टेक CEOs इसका हिस्सा होंगे। इससे साफ है कि यह सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि AI की वैश्विक दौड़ में भारत की औपचारिक एंट्री है।

दुनिया की बड़ी टेक कंपनियाँ, एक मंच पर
AI Impact Summit 2026 में 100 से अधिक देशों की भागीदारी है और 2.5 लाख से ज़्यादा विज़िटर्स के आने की उम्मीद है। 500 से अधिक सेशन और हजारों स्पीकर्स AI के भविष्य पर चर्चा करेंगे।
Google के CEO सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन, DeepMind के डेमिस हसाबिस, Anthropic के डारियो अमोदेई और रिलायंस चेयरमैन मुकेश अंबानी जैसे बड़े नाम इसमें शामिल हो रहे हैं।
सैम ऑल्टमैन ने हाल ही में भारत को “Full-Stack AI Leader” बनने की क्षमता वाला देश बताया। उनके अनुसार, भारत ChatGPT का दूसरा सबसे बड़ा यूज़र बेस है और यहां हर हफ्ते 10 करोड़ से ज्यादा लोग इसका इस्तेमाल कर रहे हैं।
भारत की AI रणनीति: डेटा से विकास तक
प्रधानमंत्री मोदी ने स्पष्ट संदेश दिया है कि “दुनिया का डेटा भारत में आए।” उनका मानना है कि भारत में बन रहे डेटा सेंटर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोज़गार के अवसर पैदा करेंगे।
Google, Microsoft और Amazon जैसी कंपनियाँ 2030 तक भारत में AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर लगभग 68 अरब डॉलर निवेश की योजना बना चुकी हैं।
सरकार इस समिट को एक ऐसे मंच के रूप में पेश कर रही है जहाँ developing देशों की आवाज़ भी वैश्विक AI गवर्नेंस में शामिल हो सके।

AI Summit 2026 में सबसे बड़ा सवाल: क्या AI नौकरियाँ छीन लेगा?
AI Impact Summit 2026 में “AI और रोज़गार” सबसे ज़्यादा चर्चा का विषय बना हुआ है। इंडस्ट्री लीडर्स का मानना है कि कुछ पारंपरिक नौकरियाँ ज़रूर प्रभावित होंगी, लेकिन AI नए अवसर भी पैदा करेगा।
Naukri.com के संस्थापक संजीव भिखचंदानी ने युवाओं को सलाह दी कि वे AI से डरने की बजाय इसे सीखें। उनका कहना है, “अगर आप AI नहीं सीखेंगे, तो AI आपको replace कर देगा।” विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले समय में टेक्निकल स्किल्स के साथ-साथ ह्यूमन स्किल्स (human skills) की भी बड़ी भूमिका रहेगी।
Responsible AI और Social Good पर ज़ोर
यह समिट सिर्फ बिज़नेस या टेक निवेश तक सीमित नहीं है। Responsible और Inclusive AI पर खास ज़ोर दिया जा रहा है।
Cisco इंडिया के एमडी ने बताया कि AI का उपयोग कृषि जैसे क्षेत्रों में भी हो रहा है। “Krishi Mangal” जैसे प्रोग्राम हज़ारों महिला किसानों की आय बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
ब्रिटेन के डिप्टी पीएम डेविड लैमी और AI मंत्री कनिष्का नारायण ने भी कहा कि AI का फायदा सिर्फ कुछ कंपनियों तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि आम लोगों तक पहुँचना चाहिए।
सुरक्षा भी AI के हवाले
इतने बड़े वैश्विक आयोजन की सुरक्षा में भी AI की भूमिका दिख रही है। भारत मंडपम के आसपास सैकड़ों AI-enabled कैमरे, एंटी-ड्रोन सिस्टम और हजारों सुरक्षा कर्मी तैनात किए गए हैं।
भारत के लिए क्यों अहम है यह समिट?
India AI Impact Summit 2026 सिर्फ एक सम्मेलन नहीं, बल्कि यह संकेत है कि भारत अब AI की वैश्विक दौड़ में दर्शक नहीं, बल्कि खिलाड़ी बन चुका है।
“In India, for India, and with India” – यही संदेश इस समिट का मूल है। आने वाले वर्षों में यह तय करेगा कि भारत सिर्फ AI का उपभोक्ता रहेगा या दुनिया के लिए AI समाधान तैयार करने वाला लीडर बनेगा।

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