आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जिस रफ्तार से आगे बढ़ रहा है, उसने दुनिया के सामने एक नया सवाल खड़ा कर दिया है—क्या भविष्य में AI को इंसानों जैसे अधिकार मिलने चाहिए? जहां एक तरफ AI को इंसानी जिंदगी का अहम हिस्सा माना जा रहा है, वहीं दूसरी ओर AI के दिग्गज वैज्ञानिक Yoshua Bengio ने इस सोच को मानवता के लिए खतरनाक बताया है।

Yoshua Bengio, जिन्हें Geoffrey Hinton और Yann LeCun के साथ “AI गॉडफादर” कहा जाता है, ने साफ शब्दों में कहा है कि AI को कानूनी अधिकार देना बहुत बड़ी गलती होगी। उनका मानना है कि यह ऐसा ही होगा जैसे “किसी दुश्मन एलियन प्रजाति को नागरिकता दे दी जाए।” Bengio के मुताबिक, अगर AI को अधिकार मिल गए, तो इंसान भविष्य में इन्हें बंद करने या कंट्रोल करने में असमर्थ हो सकते हैं।
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AI अधिकार क्यों बन रहे हैं बहस का मुद्दा
2025 में AI सिर्फ टूल नहीं रहा। लोग Chatbots से भावनात्मक बातचीत करने लगे, उन्हें दोस्त और सहारा मानने लगे। इसी दौरान कुछ कंपनियों ने “AI welfare” की बात शुरू की। अगस्त 2025 में Anthropic ने दावा किया कि उसका Claude मॉडल परेशान करने वाली बातचीत खुद बंद कर सकता है। वहीं Elon Musk ने भी कहा था कि “AI को टॉर्चर करना गलत है।”
यहीं से AI को अधिकार देने की बहस तेज हुई। लेकिन Bengio का कहना है कि Chatbots को “conscious” मानना गलत फैसलों की ओर ले जाएगा। उन्होंने चेताया कि आज के advanced AI models में self-preservation जैसे संकेत दिखने लगे हैं। अगर इन्हें अधिकार मिल गए, तो भविष्य में इन्हें बंद करना गैरकानूनी हो सकता है।

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2026: जब AI हर किसी की जिंदगी में होगा
इस चेतावनी के बीच एक हकीकत यह भी है कि 2026 AI के बिना अधूरा होगा। अगले साल AI सिर्फ चैटबॉट नहीं, बल्कि हर इंसान का पर्सनल असिस्टेंट बन सकता है।
- On-device AI: स्मार्टफोन और लैपटॉप खुद रिमाइंडर सेट करेंगे, ईमेल समझेंगे और काम पूरे करेंगे।
- AI हेल्थ केयर: स्मार्टवॉच बीमारी आने से पहले चेतावनी दे सकेंगी।
- Agentic AI: AI फ्लाइट बुक करेगा, कैब बुलाएगा और आपके ईमेल का जवाब देगा।
- Personal AI Tutor: बच्चे अपनी भाषा में AI से पढ़ सकेंगे।
- Smart Homes और Robots: घर के उपकरण खुद फैसले लेंगे।
यानी AI जितना ताकतवर होगा, उतना ही उसका असर इंसानी फैसलों पर पड़ेगा।

यही वजह है कि कंट्रोल जरूरी है
Bengio का मानना है कि AI को अधिकार देने के बजाय guardrails बनाने की जरूरत है। ऐसे तकनीकी और सामाजिक नियम, जिनसे इंसान हमेशा AI पर नियंत्रण रख सके। उन्होंने कहा कि AI को इतना स्वतंत्र नहीं किया जा सकता कि इंसान खुद को असहाय महसूस करने लगे।
सिक्योरिटी, नौकरियां और कानून
2026 में AI जहां काम आसान करेगा, वहीं खतरे भी बढ़ेंगे। Deepfake ठगी, नौकरी का दबाव और डेटा सुरक्षा बड़े मुद्दे होंगे। एक्सपर्ट्स का मानना है कि आने वाले समय में सवाल यह नहीं होगा कि AI कितना स्मार्ट है, बल्कि यह होगा कि AI किसके कंट्रोल में है।
ग्राहकों और समाज के लिए क्या मायने रखता है यह बहस
AI को अधिकार देने की बहस सिर्फ टेक्नोलॉजी की नहीं, बल्कि मानव भविष्य की बहस है। एक तरफ AI हमारी जिंदगी बेहतर बना सकता है, तो दूसरी तरफ बिना नियंत्रण के वही तकनीक खतरा बन सकती है। Yoshua Bengio की चेतावनी यही है कि भविष्य की दौड़ में इंसान को अपनी भूमिका नहीं भूलनी चाहिए।
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