Refurbished स्मार्टफोन आजकल बहुत तेज़ी से लोकप्रिय हो रहे हैं। कम कीमत में महंगे फोन मिलने का ऑफर सुनने में जितना अच्छा लगता है, उतना ही जोखिम भरा भी हो सकता है। एक छोटी सी लापरवाही आपका सस्ता सौदा बाद में भारी नुकसान में बदल सकती है। इसीलिए refurbished फोन खरीदते वक्त कुछ आम गलतियों से बचना बेहद जरूरी है।
Refurbished और Used फोन को एक जैसा समझ लेना
सबसे बड़ी गलती यहीं से शुरू होती है। Refurbished फोन वह होता है जिसे टेस्टिंग, रिपेयर और क्वालिटी चेक के बाद दोबारा बेचा जाता है, जबकि used फोन सिर्फ किसी पुराने यूज़र का इस्तेमाल किया हुआ फोन होता है। अगर proper checking और certification नहीं है, तो “refurbished” सिर्फ एक नाम बनकर रह जाता है।
वारंटी और रिटर्न पॉलिसी को नज़रअंदाज़ करना
कई लोग सिर्फ सस्ती कीमत देखकर फोन खरीद लेते हैं। लेकिन refurbished फोन के साथ कम से कम 6 महीने की वारंटी और साफ रिटर्न पॉलिसी होना बेहद ज़रूरी है।
बिना वारंटी वाला फोन खराब निकला, तो जिम्मेदारी पूरी तरह आपकी होगी।

बैटरी की स्थिति (Battery condition) पर ध्यान न देना
Refurbished फोन में सबसे पहले बैटरी कमजोर होती है। अगर बैटरी पहले ही ज्यादा घिस चुकी है, तो फोन नया जैसा अनुभव नहीं देगा। जहां संभव हो, “battery replaced” या “battery health verified” जैसी जानकारी जरूर देखें।
यही वजह है कि ज़्यादातर लोग refurbished फोन लेकर कुछ महीनों में दोबारा नया फोन खरीदने पर मजबूर हो जाते हैं।
IMEI और blacklist status चेक न करना
भारत में यह एक बेहद आम लेकिन खतरनाक गलती है। फोन का IMEI नंबर चेक करना जरूरी है, ताकि यह साफ हो सके कि डिवाइस चोरी का तो नहीं है या नेटवर्क पर ब्लॉक तो नहीं। IMEI verification के बिना खरीदना सीधा जोखिम उठाने जैसा है।
साइट पर फोन की बॉडी की कंडीशन (Physical condition) की ग्रेडिंग को हल्के में लेना
“Like New”, “Excellent” या “Good” जैसी grading फोन की असली हालत बताती है। अगर scratches, dents या display marks आपके लिए मायने रखते हैं, तो इन labels को नजरअंदाज न करें।
अंजान या जो वेरिफाईड न हो, उस विक्रेता से खरीदना
बहुत सस्ती डील अक्सर सबसे महंगी साबित होती है। Refurbished फोन हमेशा trusted platform या verified seller से ही खरीदना बेहतर होता है।
Software और future updates को नजरअंदाज करना
कई refurbished फोन पुराने सॉफ्टवेयर पर अटके रहते हैं। यह जरूर चेक करें कि फोन को आगे सिक्योरिटी और सिस्टम अपडेट मिलेंगे या नहीं।
आखिर में
Refurbished फोन खरीदना गलत नहीं है, लेकिन बिना सही जांच-पड़ताल के खरीदना सबसे बड़ी गलती है। अगर आप थोड़ा सतर्क रहें, तो कम बजट में भी बेहतरीन फोन मिल सकता है—और बाद में पछताने से बचा जा सकता है।


































