ट्रेन में सफर करते समय, कैफे में बैठकर मैसेज पढ़ते हुए या ऑफिस में किसी जरूरी ईमेल का जवाब देते समय, क्या कभी ऐसा लगा है कि कोई आपकी स्क्रीन पर झांक रहा है? स्मार्टफोन जितना पर्सनल होता जा रहा है, पब्लिक स्पेस में उसे इस्तेमाल करना उतना ही असहज हो सकता है। Samsung ने Galaxy S26 Ultra के साथ इसी समस्या का जवाब दिया है। इसमें नया Privacy Display फीचर आया है, जिसे आप “Secret Screen मोड” भी कह सकते हैं।
ध्यान देने वाली बात यह है कि यह फीचर सिर्फ Galaxy S26 Ultra में मिलता है। रेगुलर Galaxy S26 और S26+ में यह उपलब्ध नहीं है।
Privacy Display क्या है?
सरल शब्दों में कहें तो Privacy Display ऐसा सिस्टम है जो आपकी स्क्रीन को सामने से साफ दिखाता है, लेकिन साइड एंगल से देखने पर लगभग काला कर देता है। यानी आप फोन इस्तेमाल कर पाएंगे, लेकिन बगल में बैठा व्यक्ति स्क्रीन पढ़ नहीं पाएगा।
यह कोई साधारण स्क्रीन प्रोटेक्टर नहीं है। Samsung ने इसे डिस्प्ले के अंदर ही बनाया है। यानी ऊपर से कोई अलग फिल्टर नहीं चिपकाया गया, बल्कि पूरी टेक्नोलॉजी स्क्रीन की लेयर में ही शामिल है।

यह काम कैसे करता है?
इस फीचर की असली कहानी ग्लास के नीचे छिपी है। Samsung ने पिक्सल स्ट्रक्चर और ऑप्टिकल लेयर्स को दोबारा डिजाइन किया है ताकि स्क्रीन से निकलने वाली रोशनी को कंट्रोल किया जा सके।
सामान्य स्थिति में रोशनी सीधा यूज़र की तरफ जाती है। लेकिन जैसे ही Privacy Display एक्टिव होता है, स्क्रीन साइड एंगल की तरफ जाने वाली लाइट को रोक देती है। नतीजा — सामने से सब कुछ सामान्य दिखता है, लेकिन साइड से देखने पर स्क्रीन लगभग काली नजर आती है।

यह पूरी प्रक्रिया डिस्प्ले स्टैक के अंदर होती है। इसलिए बाहरी प्राइवेसी फिल्टर की तरह ब्राइटनेस या कलर पूरी तरह खराब नहीं होते — हालांकि कुछ समझौते जरूर हैं।
दो मोड – Standard और Maximum
Samsung ने इसमें दो स्तर दिए हैं:
- Standard Mode – सामान्य इस्तेमाल के लिए। स्क्रीन सामने से साफ दिखती है, लेकिन साइड से विजिबिलिटी कम हो जाती है।
- Maximum Protection – व्यूइंग एंगल और ज्यादा संकरा हो जाता है। साइड से स्क्रीन पढ़ना लगभग असंभव हो जाता है।

इन दोनों मोड्स को Quick Settings से एक सेकंड में ऑन या ऑफ किया जा सकता है।
Smart Software Integration
Privacy Display सिर्फ हार्डवेयर तक सीमित नहीं है। Samsung ने इसके साथ सॉफ्टवेयर लेयर भी जोड़ी है।
यूज़र तय कर सकते हैं कि कौन-सी ऐप्स में यह फीचर अपने आप एक्टिव हो जाए — जैसे बैंकिंग ऐप, मैसेजिंग ऐप या गैलरी। PIN, पासवर्ड या पैटर्न डालते समय भी यह अपने आप सक्रिय हो सकता है।
एक खास फीचर “Partial Screen Privacy” भी है। इसमें नोटिफिकेशन पॉप-अप साइड से छिप जाता है, लेकिन बाकी स्क्रीन सामान्य रहती है। रोजमर्रा के इस्तेमाल में यह काफी उपयोगी लगता है।
असली दुनिया में कितना असरदार?

हमारे शुरुआती अनुभव में, ट्रेन या कैफे जैसे माहौल में यह फीचर काम करता दिखा। बगल में बैठा व्यक्ति स्क्रीन पढ़ नहीं पाता। हालांकि अगर कोई सीधे ऊपर से झुके, तो कुछ हिस्सा दिखाई दे सकता है — और यही इसकी सीमा भी है।
यह फीचर पूरी तरह “इनविजिबल” स्क्रीन बनाने के लिए नहीं, बल्कि रोजमर्रा की प्राइवेसी के लिए डिजाइन किया गया है।
लेकिन कुछ समझौते भी हैं
Privacy Display ऑन करने पर ब्राइटनेस कम हो जाती है। स्क्रीन थोड़ी डिम महसूस होती है। कुछ मामलों में कलर में हल्का बदलाव या नीला टिंट भी नजर आ सकता है, खासकर Maximum मोड में।
साथ ही, एंटी-रिफ्लेक्टिव प्रदर्शन पिछले मॉडल की तुलना में थोड़ा कमजोर महसूस हो सकता है। यानी टेक्नोलॉजी प्रभावशाली है, लेकिन पूरी तरह बिना समझौते के नहीं।
क्या यह भविष्य है?

Samsung का दावा है कि इस सिस्टम को विकसित करने में लगभग पाँच साल लगे। यह दिखाता है कि कंपनी इसे एक छोटे फीचर की तरह नहीं, बल्कि डिस्प्ले टेक्नोलॉजी के अगले कदम की तरह देख रही है।
Galaxy S26 Ultra का Privacy Display अभी शुरुआती दौर में है, लेकिन यह संकेत जरूर देता है कि आने वाले वर्षों में स्मार्टफोन स्क्रीन सिर्फ ज्यादा ब्राइट या ज्यादा शार्प नहीं होंगी — वे ज्यादा पर्सनल भी होंगी।
अब सवाल यह है — क्या “Secret Screen मोड” आपकी रोजमर्रा की जरूरत है, या यह सिर्फ एक हाई-टेक एक्स्ट्रा है? इसका असली जवाब पूरी समीक्षा में ही मिलेगा।

अधिक जानकारी के लिए आप Smartprix को Twitter, Facebook, Instagram, और Google News पर फॉलो कर सकते हैं। मोबाइल फोन, टेक, गाइड या अन्य खबरों के लिए आप Smartprix पर भी विज़िट कर सकते हैं।


































