क्विक वर्डिक्ट
vivo T5 Pro एक बहुत साफ सोच के साथ बनाया गया फोन है और वो ये कि यह आपकी बैटरी की चिंता लगभग खत्म कर देना चाहता है। इसकी 9,020mAh सिलिकॉन-कार्बन बैटरी आसानी से दो दिन तक साथ निभाती है। इसके अलावा, 1.5K AMOLED स्क्रीन, इस कीमत पर आने वाले फोनों में से सबसे चमकदार डिस्प्ले में से एक, OriginOS 6 का पॉलिश्ड अनुभव, और BGMI व CODM में 90fps तक का स्थिर गेमिंग का अनुभव इसे एक अच्छा विकल्प बनाते हैं।
लेकिन कहानी का दूसरा पहलू भी है। कैमरा सेटअप vivo T4 Pro के मुकाबले पीछे रह गया है। रियर पैनल पर अब सिर्फ एक ही काम का 50MP प्राइमरी कैमरा मिलता है; न अल्ट्रा-वाइड है, न टेलीफोटो। यही इस फोन का सबसे बड़ा समझौता है।
खरीदें अगर:
- आपको लगातार दो दिन की बैटरी लाइफ चाहिए
- आप तेज़, शार्प और चमकदार AMOLED स्क्रीन चाहते हैं
- आप ज़्यादा गेमिंग करते हैं और गर्म होकर धीमा पड़ने वाला फोन नहीं चाहते
- आप मज़बूत और टिकाऊ फोन चाहते हैं (IP69 + MIL-STD-810H)
न खरीदें अगर:
- आपको अल्ट्रा-वाइड या टेलीफोटो कैमरे की ज़रूरत है
- आप vivo T4 Pro से अपग्रेड करना चाहते हैं
- लंबा सॉफ्टवेयर सपोर्ट आपके लिए बहुत अहम है
- आप Nothing Phone (4a) Pro तक बजट बढ़ा सकते हैं
vivo की T-सीरीज़ अब तक परफॉर्मेंस, कैमरा और बैटरी के बीच संतुलन बनाने के लिए जानी जाती रही है। पिछले साल का T4 Pro उसी फॉर्मूले का मज़बूत उदाहरण था, जो Snapdragon 7 Gen 4, 50MP 3x पेरिस्कोप ज़ूम और 6,500mAh बैटरी के साथ, अपनी कीमत पर बेहद संतुलित फोन साबित हुआ।
vivo T5 Pro उस रास्ते से थोड़ा हटता है। इस बार कंपनी ने लगभग पूरा ज़ोर बैटरी और डिस्प्ले पर डाल दिया है। अब यहां 9,020mAh की बड़ी सिलिकॉन-कार्बन बैटरी, ज़्यादा शार्प 1.5K 144Hz AMOLED पैनल, बेहतर ड्यूरेबिलिटी और OriginOS 6 मिलता है। यानि यह फोन अब एक ऑलराउंडर कम और मल्टीमीडिया व बैटरी का चैंपियन ज़्यादा लगता है।

लेकिन इस बदलाव की कीमत भी चुकानी पड़ी है। पेरिस्कोप टेलीफोटो कैमरा हट गया, उसकी जगह 2MP डेप्थ सेंसर आ गया, और ज़्यादा ताकतवर चिपसेट की जगह ज़्यादा कुशल प्रोसेसर दिया गया है। इसलिए अब सवाल सीधा है कि क्या T5 Pro अब भी एक पूरा या परफेक्ट पैकेज है, या vivo ने बैटरी के चक्कर में बाकी जगह ज़रुरत से ज़्यादा समझौते कर दिए हैं? आइये इस Vivo T5 Pro रिव्यू में जानने की कोशिश करते हैं।
vivo T5 Pro 5G की कीमत और उपलब्धता
vivo T5 Pro भारत में तीन स्टोरेज वैरिएंट में उपलब्ध है:
- vivo T5 Pro (8GB + 128GB): ₹29,999
- vivo T5 Pro (8GB + 256GB): ₹33,999
- vivo T5 Pro (12GB + 256GB): ₹39,999
आप इसे नीले (Glacier Blue) और काले (Cosmic Black) रंगों में Flipkart और कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट से खरीद सकते हैं।
Pros
- बड़ी 9,020mAh बैटरी
- बॉक्स में 90W चार्जर मिलता है
- इतनी बड़ी बैटरी के बावजूद 8.25mm मोटाई
- शानदार 1.5K 144Hz AMOLED डिस्प्ले
- 90fps खेल के दौरान अच्छा तापमान नियंत्रण
- IP68 + IP69 रेटिंग
- MIL-STD-810H की मिलिट्री ग्रेड मज़बूती
- दिन में नेचुरल और सटीक तस्वीरें
- अच्छा सेल्फी कैमरा
- OriginOS 6 का पॉलिश्ड अनुभव
कमियां
- न अल्ट्रा-वाइड, न टेलीफोटो कैमरा
- Snapdragon 7 Gen 4 नहीं, 7s Gen 4
- सिर्फ 3 साल के Android अपडेट
- 2026 में LPDDR4X RAM थोड़ी पुरानी लगती है
- 144Hz सभी ऐप्स में नहीं मिलता
- पहले से इंस्टॉल ऐप्स और App Store विज्ञापन
- 213 ग्राम वज़न कुछ लोगों को भारी लग सकता है
vivo T5 Pro 5G रिव्यू: डिज़ाइन और बिल्ड

Glacier Blue रंग में vivo T5 Pro सच में बहुत खूबसूरत लगता है। इसके मैट बैक पर हल्का लहरों जैसा टेक्सचर है, जो रोशनी पड़ने पर बहुत अलग अंदाज़ में चमकता है। मेज़ पर रखा हो तो यह असर कम दिखता है, लेकिन बाहर हाथ में लेकर चलें और पीछे से इस पर अलग अलग एंगल से लाइट पड़े तो ये चमकता हुआ फोन आपका ध्यान खींचेगा। जिन्हें यह थोड़ा ज़्यादा फ्लैशी लगे, उनके लिए Cosmic Black रंग का विकल्प भी उपलब्ध है।

सबसे दिलचस्प बात यह है कि 9,020mAh बैटरी के बावजूद फोन सिर्फ 8.25mm पतला है। हमने realme Power Narzo 5G का भी रिव्यू किया है, लेकिन वो बड़ी बैटरी के साथ काफी मोटा (9.08 mm) है। 213 ग्राम वज़न के कारण यह हल्का फोन नहीं है, लेकिन इसका वज़न अच्छे से बंटा हुआ है। यह ऊपर या नीचे से ज़्यादा भारी महसूस नहीं होता, इसलिए इस्तेमाल के दौरान “बैटरी मॉन्स्टर” जैसा कोई बोझ वाला अहसास नहीं देता।


इसमें आपको ऊपर सेकेंडरी स्पीकर और IR ब्लास्टर, दाईं तरफ पावर व वॉल्यूम बटन, और नीचे SIM ट्रे, मुख्य माइक्रोफोन, USB-C पोर्ट और मुख्य स्पीकर मिलता है।
फ्रेम और बैक दोनों प्लास्टिक के हैं, जबकि आगे vivo का अपना Shield Glass मिलता है, लेकिन फिर भी फोन सस्ता नहीं लगता। गोल किनारे, पकड़ देने वाला मैट फिनिश और बॉडी में फ्लेक्स न होना इसे एक मज़बूत फील देते हैं। कैमरा मॉड्यूल थोड़ा बाहर निकला है, इसलिए मेज़ पर रखने पर हल्का wobble (हिलता-डुलता) आता है, लेकिन कवर लगाने के बाद यह काफी हद तक खत्म हो जाता है।

ड्यूरेबिलिटी के मामले में भी फोन मज़बूत है, IP68 और IP69 दोनों रेटिंग्स हैं, साथ में MIL-STD-810H सर्टिफिकेशन भी है। बॉक्स में 90W FlashCharge अडैप्टर, पारदर्शी TPU कवर, पहले से लगी स्क्रीन प्रोटेक्टर फिल्म और USB-A to USB-C केबल मिलती है।
vivo T5 Pro 5G रिव्यू: डिस्प्ले

vivo T5 Pro की 6.83-इंच 1.5K AMOLED BOE Q10+ स्क्रीन इस फोन की सबसे बड़ी खूबियों में से एक है। यह स्क्रीन वीडियो देखने, गेम खेलने और रोज़मर्रा के इस्तेमाल में काफी अच्छी है। स्क्रीन साइज़ रोज़ के कंटेंट देखने के अनुसार बिल्कुल सही है। इसके अलावा इसमें 2800 x 1260 रेज़ॉल्यूशन है और पिक्सल डेंसिटी 449ppi, इसलिए तस्वीरें और टेक्स्ट भी काफी शार्प दिखाई देते हैं।
डिफॉल्ट रूप से बैटरी बचाने के लिए रेज़ॉल्यूशन 2400 x 1080 पर रखा गया है, लेकिन सेटिंग्स से UHD मोड चुना जा सकता है। बेज़ल्स पतले और लगभग बराबर हैं, नीचे का चिन थोड़ा मोटा है लेकिन इतना नहीं कि ध्यान खींचे। बीच में पंच-होल कटआउट भी है।

इस स्क्रीन की असली ताकत इसकी ब्राइटनेस है। फोन स्थानीय रूप से 5,000 निट्स तक की अधिकतम ब्राइटनेस तक पहुंच सकता है, जबकि 2,000 निट्स HBM इसे कड़ी धूप में भी पढ़ने लायक बनाए रखते हैं। मैंने इसे दिल्ली की तेज़ धूप में इसका इस्तेमाल किया, और ईमानदारी से कहूं तो बाहर पढ़ने में लगभग कोई दिक्कत नहीं हुई।

vivo का जैसा स्टाइल रहता है, उसी के अनुसार, यहां भी रंग पंची और वाइब्रेंट हैं। अगर डिफॉल्ट प्रोफाइल पसंद न आए, तो आप डिस्प्ले में जा कर Professional और Bright जैसे विकल्प भी चुन सकते हैं। कलर टेम्परेचर को एडजस्ट करने का विकल्प भी है।
जहां थोड़ी निराशा होती है, वह है – 144Hz रिफ्रेश रेट। कागज़ पर यह अच्छा लगता है, लेकिन ज़्यादातर ऐप्स में पूरा 144Hz अनुभव नहीं मिलता। थर्ड पार्टी ऐप्स में फ्रेम रेट अधिकतर ऐप्स में 120fps से नीचे ही रहे। यह स्क्रीन LTPS है, LTPO नहीं।

एक और चीज़ ध्यान देने वाली ये है कि स्क्रीन YouTube पर 4K HDR चलाती है, लेकिन Netflix पर HDR नहीं मिलता, जबकि Widevine L1 मौजूद है। रात में इस्तेमाल के लिए 2,160Hz PWM डिमिंग भी है, जिससे आंखों पर दबाव कम पड़ता है।
vivo T5 Pro 5G रिव्यू : स्पीकर, हैप्टिक्स और बायोमैट्रिक्स

vivo T5 Pro के डुअल स्पीकर्स रोज़मर्रा के इस्तेमाल, वीडियो देखने और खेल के लिए अच्छे हैं। YouTube पर डायलॉग साफ सुनाई देते हैं, स्टीरियो सेपरेशन भी अच्छा है, और ऊंची आवाज़ पर भी कोई खास टूटन (फटी हुई आवाज़) सुनाई नहीं देती। ये सेगमेंट के सबसे तेज़ या लाउड स्पीकर नहीं हैं, लेकिन पंच ठीक ठाक है। हां, bass और depth की कमी यहां भी महसूस होती है, जैसा इस रेंज में आम तौर पर होता है।
हैप्टिक्स भी अच्छे हैं। 4D Game Vibration जैसे फीचर खास खेल स्थितियों में वाइब्रेशन का एहसास देते हैं, और सामान्य इस्तेमाल में भी वाइब्रेशन शार्प महसूस होता है। हालांकि intensity बदलने का कोई अलग विकल्प मुझे नहीं मिला।

बायोमेट्रिक्स के लिए फोन में ऑप्टिकल फिंगरप्रिंट सेंसर है। इसकी जगह थोड़ी नीचे है, लेकिन मेरे इस्तेमाल के दौरान यह भरोसेमंद और सटीक रहा। यह अल्ट्रासॉनिक सेंसर जितना तेज़ नहीं, लेकिन रिजेक्शन भी बहुत कम हुए। 2D face unlock भी है, लेकिन मैं फिंगरप्रिंट सेंसर पर ज़्यादा भरोसा करूँगा।
vivo T5 Pro 5G रिव्यू: परफॉरमेंस

vivo T5 Pro में Snapdragon 7s Gen 4 मिलता है, जो T4 Pro के Snapdragon 7 Gen 4 से एक कदम नीचे है। यह “s” वाला चिपसेट ज़्यादा कुशलता यानि एफिशिएंसी पर ज़ोर देता है। इसलिए T4 Pro या 7 Gen 4 वाल फोन इस्तेमाल करने वालों को यह फर्क ध्यान रखना चाहिए।
लेकिन रोज़मर्रा के इस्तेमाल में यह फोन शिकायत का मौका बहुत कम देता है। मैंने इसे तीन हफ्ते इस्तेमाल किया है। इस दौरान ईमेल देखना, Chrome पर ब्राउज़िंग, WhatsApp, Instagram, जैसे ऐप्स के बीच में स्विच करना और फोटोग्राफी, गेमिंग, इन सबके दौरान फोन ने बिना किसी शिकायत अच्छी तरह साथ दिया।

ऐप्स जल्दी खुलते हैं, इंटरफेस रेस्पॉन्सिव है और सामान्य इस्तेमाल में कोई बड़ी रुकावट नहीं आती। RAM management भी अच्छा है; फोन लगभग 5–6 ऐप्स तक आराम से संभाल लेता है, यह इस पर भी निर्भर करता है कि पीछे कितना भारी ऐप चल रहा है।
कभी-कभी मुझे हल्का स्टटर ज़रूर दिखा, जैसे लॉक स्क्रीन से कैमरा खोलते समय, लेकिन यह अनुभव खराब करने वाली बात नहीं बनती है। दिलचस्प बात यह है कि चिपसेट भले थोड़ा कमज़ोर हो, लेकिन UFS 3.1 स्टोरेज T4 Pro की UFS 2.2 से बेहतर है। इसका असर ऐप इंस्टॉल, ऐप खोलने, फाइल ट्रांसफर और फोटो सेव करने की गति में साफ दिखता है। Burst mode भी अच्छा काम करता है।

फोन में LPDDR4X RAM मिलती है, जो ज़्यादातर कामों के लिए पर्याप्त है, लेकिन 2026 में यह थोड़ी पुरानी लगती है और LPDDR5 जितना बेहतर और तेज़ नहीं है। मेरे पास 12GB RAM और 256GB UFS 3.1 वाला वेरिएंट था।
सिंथेटिक बेंचमार्क


कुछ फोन ऐसे हैं जो सिर्फ परफॉर्मेंस पर फोकस करते हैं और बेंचमार्क में T5 Pro से बेहतर स्कोर लाते हैं, लेकिन vivo ने यहां थोड़ा संतुलित रुख अपनाया है ताकि इसकी सबसे बड़ी ताकत – बैटरी लाइफ – बरकरार रहे। फिलहाल बेंचमार्क स्कोर देखें तो T5 Pro अपने सीधे प्रतिद्वंद्वी OnePlus Nord CE 6 के मुकाबले मज़बूत दिखता है और Dimensity 7400-सीरीज़ वाले फोन्स से साफ तौर पर बेहतर प्रदर्शन करता है।
| vivo T5 Pro (Snapdragon 7s Gen 4) | OnePlus Nord CE6 (Snapdragon 7s Gen 4) | |
| AnTuTu Score | 1161368 | 1133123 |
| Storage (Score, Sequential Read Speed, Write Speed) | Score: 107666; Sequential Read: 2027 MB/s; Sequential Write: 1885 MB/s | Score: 100306; Sequential Read: 1987 MB/s; Sequential Write: 1799 MB/s |
| Geekbench 6 CPU (Single-Core, Multi-Core) | Single-Core: 1216; Multi-Core: 3177 | Single-Core: 1147; Multi-Core: 3287 |
| Geekbench 6 GPU (OpenCL, Vulkan) | OpenCL: 3499; Vulkan: 4602 | OpenCL: 3566; Vulkan: 4675 |
| 3DMark Wildlife Extreme (Score, Avg FPS) | Score: 1142; Avg FPS: 6.84 | Score: 1111; Avg FPS: 6.65 |
| 3DMark Wildlife Extreme Stress Test (Best Loop, Lowest Loop, Stability) | Best Loop: 1130; Lowest Loop: 1119; Stability: 99% | Best Loop: 1120; Lowest Loop: 1111; Stability: 99.2% |
गेमिंग परफॉरमेंस


जहां तक गेमिंग की बात है, BGMI और CODM में 90fps का सपोर्ट मिलता है, लेकिन मेरे इस्तेमाल के दौरान BGMI में Super Smooth या Smooth सेटिंग्स पर औसत फ्रेम रेट लगभग 81 – 83fps के बीच रहा। सबसे अच्छी बात यह रही कि 45 मिनट से ज़्यादा खेलने के बाद भी फोन बहुत ज़्यादा गर्म नहीं हुआ। हल्की गर्माहट महसूस होती है, लेकिन ऐसा किसी भी फोन में इस रेंज पर होता है। इसमें 7000 mm² का वेपर चैम्बर है, जो लंबे समय तक परफॉरमेंस को बरकरार रखने में मदद करता है।
यह कोई शुद्ध परफॉर्मेंस-केंद्रित फोन नहीं है, लेकिन Dimensity 7400 सीरीज़ वाले विकल्पों से यह स्पष्ट रूप से आगे निकलता है। इसका फोकस संतुलित प्रदर्शन, स्थिर frame rate और बैटरी दक्षता पर ज्यादा है।
vivo T5 Pro 5G रिव्यू: सॉफ्टवेयर

ये फोन OriginOS 6 के साथ आता है, जो Android 16 पर आधारित है। vivo का यह इंटरफेस अब तक का सबसे रिफाइन और रेस्पॉन्सिव अनुभव लगता है। कंपनी ने 3 साल के बड़े Android अपडेट और 5 साल के सुरक्षा अपडेट का वादा किया है। कीमत के हिसाब से यह ठीक है, लेकिन T4 Pro के 4+6 साल के वादे के मुकाबले यह पीछे जाता है।
नया Control Center पहले से साफ और ज़्यादा उपयोगी है। लॉक स्क्रीन और होम स्क्रीन के लिए clock styles, depth effects, always-on display, widgets जैसी कई कस्टमाइज़ेशन मिलती हैं। एक चीज़ जो मैंने तुरंत बंद की, वह था Lockscreen Poster, ये हर बार स्क्रीन जगाने पर वॉलपेपर बदलना मुझे पसंद नहीं आया।






मल्टीटास्किंग
मुझे जो चीज़ यहां सबसे अच्छी लगी, वो है जिस तरह मल्टीटास्किंग फीचर इस यूज़र इंटरफ़ेस में काफी अच्छे से इंटेग्रेट किये गए हैं। Origin Island के साथ काम करना सच में मज़ेदार और उपयोगी है। अगर Chrome पर कोई लेख पढ़ते हुए टेक्स्ट कॉपी करें, तो उसे Origin Island पर ड्रैग करके Gmail में छोड़ सकते हैं।
इसके बाद सिस्टम फ्लोटिंग विंडो (floating window) में Gmail खोल देता है और कॉपी किया गया हिस्सा compose field में पहले से पेस्ट किया हुआ मिलता है। इससे एक साथ सोर्स और ईमेल दोनों देखना आसान हो जाता है। Split screen और floating window को साथ मिलाकर तीन ऐप्स तक इस्तेमाल किए जा सकते हैं, जो कामकाजी यूज़र्स के लिए बहुत उपयोगी है। बस, काश WhatsApp का सपोर्ट भी यहां मिलता।



AI फीचर
इस फोन में दिए गए AI फीचर्स की सूची भी लंबी है। Recorder ऐप में AI Transcript है, जो लंबी वॉइस रिकॉर्डिंग को समरी बनाकर टेक्स्ट में बदल सकता है, हालांकि मैंने कुछ बार इसमें एरर यानि गलती भी देखी।



कैमरा में भी AI फीचर मौजूद हैं। इसमें Gallery में AI Erase, Reflection Eraser, Live Cutout और AI UHD जैसे विकल्प हैं। इस फोन में Gemini यहां डिफॉल्ट AI असिस्टेंट की तरह दिया गया है और Circle to Search भी मिलता है।
हालांकि सॉफ्टवेयर में कमज़ोर कड़ी हैं, पहले से इंस्टॉल किए गए ऐप्स। पहली बार फोन शुरू करते ही Instagram, LinkedIn, Netflix, TrueCaller, Facebook और Block Blast जैसे ऐप मुझे नज़र आये। इसके अलावा मुझे vivo Appstore और Themes ऐप की ढेरों नोटिफिकेशनों के भी परेशान किया, जिन्हें बाद में बंद करना पड़ता है।

ये चीज़ें फोन के पहले अनुभव को थोड़ा कम ज़रूरत करती हैं। हालांकि अच्छी बात यह है कि बाकी फीचर्स जैसे vivo Office Suite, cross-ecosystem sharing, screen mirroring, Link to Windows, vivoshare और Game Boost Mode अनुभव को फिर से बेहतर बनाते हैं।
vivo T5 Pro 5G रिव्यू : कैमरे

यही इस रिव्यू का सबसे असहज हिस्सा है। vivo T5 Pro में अब न अल्ट्रा-वाइड कैमरा है, न टेलीफोटो। ये इस बार सिर्फ 50MP Sony IMX882 प्राइमरी सेंसर और 2MP डेप्थ सेंसर के साथ आया है। यानि T4 Pro के मुकाबले कैमरा यहां साफ तौर पर पीछे रह जाता है। कम से कम एक अल्ट्रा-वाइड कैमरा तो होना ही चाहिए था, ताकि डुअल कैमरा सेटअप वास्तव में उपयोगी बनता।
प्राइमरी कैमरा
अच्छी बात यह है कि जो एक मुख्य कैमरा दिया गया है, वह निराश नहीं करता। ये अकेला 50MP, f/1.8, 1/1.95-इंच सेंसर दिन और रात, दोनों में अच्छी तस्वीरें दे सकता है। तस्वीरों में शार्पनेस, डिटेल, टेक्सचर और हाइलाइट्स का कंट्रोल मेरे कैप्चर हुए फोटोज़ में अच्छा रहा।



ये OIS को भी सपोर्ट करता है, हालांकि तस्वीर लेने के बाद उन्हें लोड होने में कुछ सेकेंड लग जाते हैं।
Vivid mode में थोड़े पंची और फीके रंग देखने को मिलते हैं, लेकिन स्किन टोन काफी प्राकृतिक और अच्छी रहती है, जो थोड़ा हैरान भी करता है। Portrait mode भी अच्छा काम करता है।






ह्यूमन सब्जेक्ट में भी स्किन टोन ठीक रहती है, कॉन्ट्रास्ट भी अच्छा आता है और तस्वीरें देखने में आकर्षक लगती हैं। हालांकि पोर्ट्रेट को लोड होने में थोड़ा समय लगता है, लेकिन इसके बाद परिणाम या फोटो देखकर आपको निराशा नहीं होगी।






हां, कभी-कभी बालों के कुछ स्ट्रैंड या हिस्से कट जाते हैं। ऑप्टिकल ज़ूम यहां नहीं है; आप सिर्फ 2x इन-सेंसर क्रॉप कर सकते हैं और उसके आगे जायेंगे को अगर आप फोटोग्राफी करते रहते हैं, तो आपको कमी ज़रूर महसूस होगी।
लो-लाइट में भी मुख्य कैमरा एक्सपोज़र और शार्पनेस को अच्छी तरह संभाल लेता है। मुझे शाम में Night mode के साथ आसमान पर हल्का नीला टोन जोड़ने की कोशिश दिखी, लेकिन ये सेटिंग बंद की जा सकती है।



सेल्फी कैमरा
सेल्फी कैमरा भी अच्छा है। यह शार्प, नेचुरल सेल्फी देता है और इसमें भी स्किन टेक्सचर अच्छा बना रहता है। कम रोशनी में तस्वीरें थोड़ी सॉफ्ट हो जाती हैं, लेकिन HDR लगभग हर हालात में अच्छा काम करता है। ये फोरग्रॉउंड में डिटेल बचाये रखता है और बैकग्राउंड को ओवरएक्सपोज़ नहीं होने देता।





वीडियो रिकॉर्डिंग सभी कैमरों से 4K30fps तक जाती है। फोटो में OIS काम आता है, जबकि वीडियो में EIS मिलता है। Ultra-stabilization फीचर भी है, लेकिन उससे रेज़ॉल्यूशन 1080p तक गिर जाता है।
कुल मिलाकर, कैमरे इस्तेमाल लायक और कई बार अच्छे भी हैं, लेकिन यह फोन कैमरा-केंद्रित नहीं है। अगर कैमरा आपकी पहली प्राथमिकता है, तो Nothing Phone (4a) Pro या पुराना T4 Pro ज्यादा समझदारी भरे विकल्प लगते हैं।
vivo T5 Pro 5G रिव्यू: बैटरी और चार्जिंग

9020mAh बैटरी – यही वह वजह है, कि vivo T5 Pro का अस्तित्व बना रहता है और यहां ये फोन सच में काफी कमाल करता है। 9,020mAh चौथी पीढ़ी की सिलिकॉन-कार्बन बैटरी के साथ यह फोन एक दिन नहीं, कई बार डेढ़ से दो दिन तक आराम से निकल जाता है। मेरे इस्तेमाल में, ईमेल, कॉल, संदेश, कैमरा, बेंचमार्क और सामान्य इस्तेमाल के बाद भी दिन खत्म होने तक करीब 40% बैटरी बची रहती थी।
जिन दिनों ज़्यादा इस्तेमाल किया, जब गेमिंग और बेंचमार्क ज़्यादा थे, तब भी स्क्रीन-ऑन टाइम 10 घंटे से ऊपर ही रहा। हल्के इस्तेमाल में यह 12–13 घंटे तक चला, जो कॉल और टेक्स्ट कारण वाले यूज़र्स के लिए लगभग दो दिन के बराबर है। सेगमेंट के 6,000mAh वाले फोन इससे काफी पीछे छूटते दिखते हैं।

चार्जिंग की ज़िम्मेदारी बॉक्स में मिलने वाला 90W FlashCharge अडैप्टर निभाता है। फोन को 100% तक पहुंचने में एक घंटे से थोड़ा ज़्यादा समय लगता है। अगर आप जल्दी में हों, तो सिर्फ 30 मिनट की चार्जिंग भी पूरा दिन निकालने लायक बैकअप दे सकती है।
फोन में bypass charging भी है, जो लंबे गेमिंग सेशनों में बैटरी पर दबाव कम करती है। रिवर्स वायर्ड चार्जिंग भी इसमें मिलती है। कनेक्टिविटी के मामले में Sub-6GHz 5G, Wi-Fi 6, Bluetooth 5.4, NFC, GPS, GLONASS और USB-C पोर्ट इसका हिस्सा हैं।
अंतिम फैसला: क्या आपको vivo T5 Pro खरीदना चाहिए?
vivo T5 Pro एक सोच-समझकर किया गया समझौता है, और ये आपके लिए सही बैठता है या नहीं, यह पूरी तरह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी प्राथमिकताएं क्या हैं। जहां इसकी तारीफ बनती है, वो है बैटरी लाइफ असाधारण है, डिस्प्ले अपने सेगमेंट के सबसे अच्छे पैनलों में से एक है, और OriginOS 6 रोज़मर्रा के इस्तेमाल में एक पॉलिश्ड और रिफाइंड अनुभव देता है। बॉक्स में मिलने वाला 90W चार्जर, डुअल IP रेटिंग्स और मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी सर्टिफिकेशन इस पैकेज को और बेहतर बनाते हैं।
वहीं दूसरी तरफ, कैमरा सिस्टम ऐसा हिस्सा है जहां मैं थोड़ा रुककर सोचने को मजबूर हूँ। T4 Pro से टेलीफोटो कैमरा हटाने के बाद यहां पीछे सिर्फ एक ही काम का कैमरा बचता है। पिछला फोन 3x ऑप्टिकल ज़ूम देता था, जबकि यह मॉडल सिर्फ 2x इन-सेंसर ज़ूम तक सीमित है, और उसके बाद का आउटपुट खास उपयोगी नहीं रह जाता।
इसलिए अगर कैमरा आपकी पहली प्राथमिकता है, तो Nothing Phone (4a) Pro आपको सच में बेहतर अनुभव दे सकता है। अगर आपकी सूची में सबसे ऊपर रॉ परफॉर्मेंस है, तो Poco X8 Pro अपने Dimensity 8500 Ultra चिप के साथ बेहतर होगा। और अगर इसी कीमत पर आप और भी बेहतर बैटरी बैकअप चाहते हैं, तो realme P4 Power अपनी 10,000mAh बैटरी के साथ ज़्यादा आकर्षक विकल्प बन जाता है।
फिर भी, अगर आपकी नज़र बैटरी लाइफ, डिस्प्ले क्वॉलिटी, ड्यूरेबिलिटी और लंबे समय तक स्टेबल गेमिंग पर है, तो ₹29,999 की कीमत पर vivo T5 Pro को हराना आसान नहीं है।

Smartprix ⭐ रेटिंग: 8.25/10
- डिज़ाइन और बिल्ड: 8.5/10
- डिस्प्ले: 8.75/10
- स्पीकर: 8.0/10
- सॉफ्टवेयर: 8.5/10
- हैप्टिक्स: 8.25/10
- बायोमैट्रिक्स: 8.5/10
- परफॉरमेंस: 8.25/10
- कैमरे: 6.5/10
- बैटरी और चार्जिंग: 9/10




































